बदायूं. समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया है कि भाजपा के लोग संविधान और ‘हमारी-आपकी जान’ के पीछे पड़े हैं. उन्होंने कहा कि कोविड रोधी टीका लगवाने वाले लोग भी इस बार भाजपा के खिलाफ मतदान करने के लिये निकलेंगे.

यादव ने बदायूं से सपा उम्मीदवार आदित्य यादव के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा में कोविड रोधी टीके ‘कोविशील्ड’ को लेकर उठे विवाद की तरफ इशारा करते हुए कहा, ”जो लोग चुनाव को देख रहे होंगे वे जानते होंगे कि भाजपा के लोग संविधान और हमारी-आपकी जान के पीछे पड़े हुए हैं. एक तो यह संविधान को बदलना चाहते हैं और दूसरा, कोविड वाली बात आपके सामने आ ही गई होगी.” उन्होंने चुनावी बॉण्ड को लेकर हुए खुलासों का जिक्र करते हुए कहा, ”जो लंबी सूची आई है उसमें पता लगा है कि जिन कंपनियों ने वैक्सीन दी थी उनसे भी इन लोगों (भाजपा) ने चंदा वसूल लिया. उनकी सरकार से न केवल संविधान को खतरा है बल्कि उनके फैसलों से जान को भी खतरा है.”

यादव ने कहा, ”सोचिए, जिन्होंने वैक्सीन लगवा ली होगी वे जब उसका प्रमाणपत्र देखते होंगे तो उन पर क्या गुजरती होगी. वे लोग भी इस बार भाजपा के खिलाफ मतदान करने के लिए निकल पड़ेंगे क्योंकि भाजपा तो आपदा में अवसर ढूंढ रही थी.” ब्रिटिश मीडिया द्वारा उद्धत किए गए अदालती दस्तावेजों के मुताबिक ब्रिटेन की फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया है कि यूरोप में वैक्सजेवरिया और भारत में कोविशील्ड नाम से दी गयी उसकी कोविड-19 वैक्सीन ‘बहुत दुर्लभ मामलों’ में रक्त के थक्के से संबंधित दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है. हालांकि इसका कारण अज्ञात है. भारत में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया गया था.

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाया, ”भाजपा ने चुनावी बांड की वसूली की है. शायद ही, दुनिया में दूसरा कोई ऐसा राजनीतिक दल हो जिसने इतने बड़े पैमाने पर वसूली की होगी. इन्होंने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का डर दिखाकर बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों से पैसा ले लिया.” उत्तर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने भाजपा पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा, ”पिछले 10 साल में भाजपा वालों ने जितनी भी बातें की हैं, वे सब झूठी साबित हुई हैं. यही दिल्ली वाले आते थे और कहते थे कि हम किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे. यहां तो सभी किसानों से जुड़े परिवार हैं. अगर किसी की आमदनी दोगुनी हो गई हो तो बताइए.”

उन्होंने कहा, ”भाजपा ने खेती से जुड़े तीन काले कानून लाने की कोशिश की. अगर वे कानून लागू हो गए होते तो हमारा किसान और इसकी पैदावार उद्योगपतियों के हाथ में चली जाती. किसान इसके खिलाफ दिल्ली में धरने पर बैठे रहे लेकिन जब उन्हें (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को) लगा कि चुनाव में भाजपा हार जाएगी तो उन्होंने तीनों काले कानून वापस ले लिए. कानून वापस लेकर यह फैसला नहीं किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा.” यादव ने कहा कि भाजपा के लोग एक तरफ कह रहे हैं कि उन्होंने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बंटवा दिया और दूसरी तरफ कह रहे हैं कि वे गरीबी रेखा से लोगों को बाहर निकल रहे हैं.