नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि निलंबित जद (एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जर्मनी यात्रा के संबंध में न तो उससे कोई राजनीतिक मंजूरी मांगी गई और न ही (कोई मंजूरी) जारी की गई. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि राजनयिक पासपोर्ट धारकों को जर्मनी की यात्रा के लिए किसी वीजा की आवश्यकता नहीं है. पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते रेवन्ना पर अनेक महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप है और माना जाता है कि वह जर्मनी में हैं.

जनता दल (सेक्युलर) ने हासन से सांसद को पहले ही पार्टी से निलंबित कर दिया है. जायसवाल ने सांसद की कथित जर्मनी यात्रा को लेकर सवालों का जवाब देते हुए अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, “उक्त सांसद की जर्मनी यात्रा के संबंध में हमसे कोई राजनीतिक मंजूरी न तो मांगी गई और न ही यह जारी की गई. मंत्रालय ने किसी अन्य देश के लिए भी कोई वीजा नोट जारी नहीं किया है.” यह पूछे जाने पर कि क्या रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के मद्देनजर विदेश मंत्रालय उनका पासपोर्ट रद्द करने पर विचार कर सकता है, जायसवाल ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

उन्होंने कहा, “जहां तक किसी व्यक्ति के पासपोर्ट के संभावित निरस्तीकरण का संबंध है, मैं आपको पासपोर्ट अधिनियम 1967 के प्रासंगिक प्रावधानों के बारे में बताऊंगा. हमें इस संबंध में किसी भी अदालत से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है.” कर्नाटक सरकार ने रेवन्ना के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.