नयी दिल्ली. कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपनों को पूरा कर रहे हैं, जबकि विपक्षी पार्टी की मंशा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आवंटित आरक्षण को मुसलमानों को देने की है. भाजपा ने उत्तर प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य को कांग्रेस पर ताजा हमला करने के लिए मैदान में उतारा. दोनों दल एक-दूसरे पर संविधान को बदलने की योजना बनाने का आरोप लगा रहे हैं.

मौर्य ने कहा कि कांग्रेस को लिखित आश्वासन देना चाहिए कि वह धार्मिक आधार पर आरक्षण नहीं देगी और अनुच्छेद 370 की बहाली का समर्थन नहीं करेगी. अनुच्छेद 370 के तहत पूर्ववर्ती जम्मू एवं कश्मीर राज्य को विशेष अधिकार मिले हुए थे. केंद्र सरकार ने 2019 में इसे खत्म कर दिया था. मौर्य ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी ने संविधान निर्माता माने जाने वाले आंबेडकर के सपनों को पूरा करते हुए समाज के सबसे वंचित वर्गों को मुफ्त राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे लाभ पहुंचाए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा बढ.ाने पर जोर दे रही है, लिहाजा उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि इससे उसका इरादा किसे फायदा पहुंचाने का है.

मौर्य ने आगरा की महापौर, उत्तराखंड की राज्यपाल और अब उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद अपनी दलित पृष्ठभूमि तथा भाजपा में अपने बढ.े कद का हवाला देते हुए समुदाय के सशक्तीकरण के लिए सत्तारूढ. पार्टी के समर्थन को रेखांकित किया.
उन्होंने कहा, ”जब तक भारतीय जनता पार्टी यहां मौजूद है, दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समुदायों के अधिकार कोई नहीं छीन सकता. कांग्रेस ने बार-बार आंबेडकर का अपमान किया है.”

मौर्य ने कहा, ”राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखित जवाब देना चाहिए जिसमें यह उल्लेख हो कि वे कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देंगे. उन्होंने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कई बार धर्म आधारित आरक्षण लागू करने का प्रयास किया है.” उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने अलीगढ. मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे शैक्षणिक संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को लागू होने से क्यों रोका?