नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि उसने बहुत विचार-विमर्श करने के बाद एक रणनीति के तहत राहुल गांधी को रायबरेली से मैदान में उतारने का निर्णय लिया है और यह निर्वाचन क्षेत्र न केवल एक विरासत है बल्कि एक जिम्मेदारी भी है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह चुनाव की लंबी प्रक्रिया है और शतरंज की कुछ चालें बाकी हैं.

उन्होंने चुनाव मैदान में नहीं उतरने के पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि वह कोई भी उपचुनाव लड़कर संसद में पहुंच सकती हैं लेकिन वह इस समय ”धुआंधार प्रचार कर रही हैं और (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी के हर झूठ का जवाब सच से देकर उनकी अकेले ही बोलती बंद कर रही हैं.”

रमेश ने कहा, ”राहुल गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की खबर पर कई लोगों की अलग-अलग राय हैं लेकिन वह राजनीति और शतरंज के मंजे हुए खिलाड़ी हैं तथा सोच समझ कर दांव चलते हैं. पार्टी के नेतृत्व ने यह निर्णय बहुत विचार-विमर्श करके बड़ी रणनीति के तहत लिया है.” उन्होंने दावा किया कि राहुल को रायबरेली से खड़ा करने के निर्णय से भाजपा, उसके समर्थक और चापलूस धराशायी हो गये. उन्होंने कहा, ”बेचारे स्वयंभू चाणक्य जो ‘परंपरागत सीट’ की बात करते थे, उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अब क्या करें?” रमेश ने कहा कि रायबरेली सीट सिर्फ कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की ही नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी सीट रही है.

उन्होंने कहा, ”यह विरासत नहीं, जिम्मेदारी है, कर्तव्य है.” उन्होंने कहा कि जहां तक गांधी परिवार के गढ. की बात है, तो अमेठी-रायबरेली ही नहीं, उत्तर से दक्षिण तक पूरा देश गांधी परिवार का गढ. है. रमेश ने कहा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से तीन बार और केरल से एक बार सांसद चुने गए हैं ”लेकिन मोदी जी विंध्याचल से नीचे जाकर चुनाव लड़ने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाए?”

उन्होंने कहा, ”एक बात और साफ है कि कांग्रेस परिवार लाखों कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं, उनकी आकांक्षाओं का परिवार है. कांग्रेस का एक साधारण कार्यकर्ता ही बड़े बड़ों पर भारी है. कल एक मूर्धन्य पत्रकार अमेठी के किसी कार्यकर्ता से व्यंग्यात्मक अंदाज में कह रही थीं कि ‘आप लोगों का नंबर कब आएगा टिकट मिलने का?’ लीजिए, आ गया! कांग्रेस का एक आम कार्यकर्ता अमेठी में भाजपा का भ्रम और दंभ दोनों तोड़ेगा.”

रमेश ने कहा, ”प्रियंका जी धुआंधार प्रचार कर रही हैं और अकेली नरेन्द्र मोदी के हर झूठ का जवाब सच से देकर उनकी बोलती बंद कर रही हैं इसीलिए यह जरूरी था कि उन्हें सिर्फ अपने चुनाव क्षेत्र तक सीमित ना रखा जाए. प्रियंका जी तो कोई भी उपचुनाव लड़कर संसद पहुंच जाएंगी.” उन्होंने कहा कि भाजपा नेता स्मृति ईरानी की केवल यही पहचान है कि वह राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ती हैं.

रमेश ने कहा, ”अब स्मृति ईरानी से वह शोहरत भी छिन गई. अब व्यर्थ की बयानबाजी करने के बजाय स्मृति ईरानी को स्थानीय विकास के बारे में जवाब देना चाहिए. उन्हें बंद किए गए अस्पताल, इस्पात संयंत्र और आईआईआईटी (भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) को लेकर जवाब देना होगा.” उन्होंने कहा, ”शतरंज की कुछ चालें बाकी हैं, थोड़ा इंतजार कीजिए.”