दाहोद. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सदस्य राष्ट्रविरोधी ताकतों का समर्थन कर रहे हैं और वे भगवान राम के खिलाफ हैं. नड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी मुस्लिम समुदाय को आरक्षण देने के लिए संविधान में बदलाव की कोशिश कर रही है. गुजरात के दाहोद में एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के कई नेता या तो जेल में हैं या जमानत पर हैं और यह परिवारवादी पार्टियों और भ्रष्ट लोगों का गठजोड़ बन गया है.

नड्डा ने कहा, ”सोनिया गांधी के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने शीर्ष अदालत में एक हलफनामा दाखिल किया था कि भगवान राम काल्पनिक हैं और उनके अस्तित्व को साबित करने के लिए कोई ऐतिहासिक या वैज्ञानिक आधार नहीं हैं. उन्होंने अड़चन पैदा करने की कोशिश की, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अदालत के माध्यम से (राम मंदिर निर्माण का) रास्ता साफ कराया.”

उन्होंने कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार का जिक्र करते हुए कहा, ”जब संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु, जिसे फांसी पर लटका दिया गया था, के समर्थन में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नारे लगाए गए… तो अगले ही दिन राहुल गांधी उनका समर्थन करने के लिए जेएनयू पहुंच गए. उन्होंने आतंकवादी अफजल गुरु का समर्थन करने वाले टुकड़े-टुकड़े गिरोह का समर्थन किया और उनकी पार्टी ने गिरोह के एक सदस्य को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया.” कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को इस चुनाव में उत्तर पूर्व दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है.

उन्होंने कहा, ”क्या वे राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ नहीं हैं? क्या आप उनके लिए वोट करेंगे?” कांग्रेस पर मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान में बदलाव की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा, ”कल, प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि डॉ भीमराव आंबेडकर ने कहा है कि आरक्षण धर्म के नाम पर नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के लिए दिया जाएगा. लेकिन वे (कांग्रेस) एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों को दिए गए आरक्षण को मुसलमानों को देने की कोशिश कर रहे हैं. यह हमारे संविधान को लूटने जैसा होगा.”

उन्होंने कहा, ”पहले राजनीति जाति, धर्म, तुष्टीकरण और वोटबैंक के नाम पर की जाती थी. पहले नेताओं ने समाज के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया लेकिन उन्होंने समाज को विभिन्न जातियों में बांट दिया.” नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस तरह की राजनीति को चुनौती दी और विकास, जिम्मेदारी तथा जवाबदेही की और रिपोर्ट कार्ड की राजनीति शुरू की.