दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को कुल 35 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से तीन पर तीन-तीन लाख रुपये का इनाम था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वालों में 16 साल की एक लड़की और 18 साल का एक लड़का शामिल है.

उन्होंने बताया कि इन नक्सलियों को सड़कें खोदने, सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए पेड़ काटने तथा नक्सलियों द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान पोस्टर और बैनर लगाने का काम सौंपा गया था. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से बामन करतम (39) प्रतिबंधित माओवादी संगठन का जियाकोडता पंचायत मिलिशिया प्लाटून कमांडर था, जबकि भीमा कुंजाम (28) अरनपुर पंचायत सीएनएम का अध्यक्ष था. चेतना नाट्य मंडली (सीएनएम) माओवादियों की एक सांस्कृतिक शाखा है.

उन्होंने बताया कि महिला नक्सली कुम्मे लेकाम (35), जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था, हुर्रेपाल पंचायत क्रांतिकारी महिला आदिवासी संगठन (केएएमएस) की अध्यक्ष थी. पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कहा, ” वे दक्षिण बस्तर में माओवादियों की भैरमगढ़, मलांगेर और कटेकल्याण क्षेत्र समितियों का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि वे पुलिस के पुनर्वास अभियान ‘लोन वर्राटू’ (अपने घर लौटें) से प्रभावित हैं और खोखली माओवादी विचारधारा से निराश हैं.”

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन नक्सलियों को सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ, जून 2020 में शुरू किए गए पुलिस के लोन वर्राटू अभियान के तहत जिले में अब तक 180 इनामी समेत 796 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं.