नयी दिल्ली. कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज लोकसभा सीट से टिकट देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या दौरे से पहले उनसे सवाल पूछे. रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ”क्या मोदी के भारत में महिलाएं कभी सुरक्षित रहेंगी? प्रधानमंत्री ने सूर्य घर योजना के तहत ”मुफ्त” बिजली देने को लेकर अयोध्या से झूठ क्यों बोला? उत्तर प्रदेश के युवाओं ने ‘जॉब मार्केट’ से हाथ क्यों जोड़ लिया है?” प्रधानमंत्री के बयानों को जुमला करार देते हुए रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत की बेटियों के साथ विश्वासघात किया है.

कांग्रेस महासचिव ने पोस्ट में कहा, ”सांसद बृजभूषण शरण सिंह को उनके जघन्य अपराधों के लिए दंडित किया जाना चाहिए था, लेकिन भाजपा ने पड़ोस के कैसरगंज लोकसभा सीट से उनके बेटे करण भूषण सिंह को टिकट देकर उसे सम्मानित किया है.” उन्होंने कहा, ”यह उन सभी महिलाओं के चेहरे पर तमाचे जैसा है, जिन्होंने अपने करियर को दांव पर लगाया और न्याय की लड़ाई में कई दिनों तक धूप और बारिश में सड़कों पर सोईं.”

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर कहा, ”यह स्पष्ट हो गया है कि ‘मोदी के परिवार’ में नारी शक्ति केवल एक नारा भर है. यह परिवार यौन हिंसा के अपराधियों को आश्रय देता है, चाहे वह हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना हों या भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह.” उन्होंने कहा, ”क्या मोदी के भारत में महिलाएं कभी सुरक्षित रहेंगी? क्या प्रधानमंत्री की सत्ता की भूख हमेशा भारत की बेटियों की सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण रहेगी?” रमेश ने यह भी कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रधानमंत्री मोदी का सबसे नया जुमला है.

कांग्रेस नेता ने पोस्ट में कहा, ”अयोध्या की रैलियों में भाजपा ने अपनी मुफ्त सौर ऊर्जा योजना से ’24 घंटे बिजली, शून्य बिजली बिल और बिजली से कमाई’ का दावा किया था. लेकिन हकीकत में, नागरिकों को ‘मुफ्त बिजली’ का लाभ उठाने से पहले सौर पैनल लगाने के लिए कम से कम 70,000 रुपए खर्च करने होंगे.” उन्होंने कहा, ”यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की पहली ‘सोलर सिटी’ मानी जाने वाली अयोध्या की कौशलपुरी कॉलोनी में केवल कुछ ही परिवार वास्तव में सोलर पैनल खरीदने में सक्षम हुए हैं. भाजपा ने अयोध्या की जनता को क्यों धोखा दिया है?” रमेश ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश के रोजगार बाजार में हालात इतने ख.राब हो गए हैं कि युवा काम ढूंढना ही छोड़ रहे हैं.

चार जून के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन आतंकवाद-निरोधक ग्रिड को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा : रमेश

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि पुंछ में वायुसेना के काफिले पर हुआ हमला क्षेत्र में आतंकी हमलों की चिंताजनक प्रवृत्ति का हिस्सा है और लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद, पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के उसके सहयोगी दल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी ग्रिड को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में शाहसितार के पास शनिवार शाम हुए हमले में वायुसेना के पांच कर्मी घायल हो गए थे जिनमें से एक ने सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का सफाया करने के लिए शाहसितार, गुरसाई, सनाई और शीनदारा टॉप समेत कई इलाकों में सेना व पुलिस का संयुक्त अभियान जारी है.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हम इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं और आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र के साथ एकजुट होकर खड़े हैं.” रमेश ने दावा किया कि 2007 और 2014 के बीच इस क्षेत्र में आतंकवाद की कोई बड़ी घटना नहीं हुई. उन्होंने कहा कि सुरनकोट आतंकवादी हमला, नियंत्रण रेखा के पास स्थित पहाड़ी राजौरी-पुंछ क्षेत्रों में विशेष रूप से सुरक्षार्किमयों के खिलाफ आतंकवादी हमलों की चिंताजनक प्रवृत्ति का हिस्सा है.

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”यह गंभीर चिंता का विषय है कि एक जनवरी 2023 से अब तक राजौरी-पुंछ क्षेत्र में हमारे 25 बहादुर सुरक्षाकर्मी और आठ निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके विपरीत, 2007 से 2014 के बीच इस क्षेत्र में आतंकवाद की कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी.” रमेश ने कहा कि चार जून के बाद, कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के उसके सहयोगी दल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी ग्रिड को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

मोदी सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की: कांग्रेस

कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है. इसने कहा कि मराठी की 2,200 वर्षों की समृद्ध साहित्यिक परंपरा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संबंधित मांग पिछले 10 साल से मोदी सरकार के पास लंबित है. उन्होंने रेखांकित कि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर रंगनाथ पठारे की अध्यक्षता में मराठी भाषा विशेषज्ञों की एक समिति गठित की थी.

रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी गई थी और पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने तत्कालीन संस्कृति मंत्री श्रीपद नाइक को पत्र लिखकर जुलाई 2014 में मांग को पूरा करने का अनुरोध किया था. उन्होंने दावा किया, ”दस साल बाद, मोदी सरकार ने इस मोर्चे पर शून्य प्रगति की है.” साल 2004 से 2014 के बीच मनमोहन सिंह की सरकार ने तमिल (2004), संस्कृत (2005), कन्नड़ (2008), तेलुगु (2008), मलयालम (2013) और उड़िया भाषा (फरवरी 2014) को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसी भी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया है. रमेश ने कहा कि मराठी में 2,200 वर्षों की समृद्ध साहित्यिक परंपरा है और मराठी में सबसे पहला शिलालेख (जिसे महाराष्ट्री प्राकृत कहा जाता है) पहली शताब्दी ईसा पूर्व का है. कांग्रेस नेता ने कहा कि यह निश्चित रूप से किसी अन्य भाषा की शाखा नहीं है और स्थानीय बोलियों से स्वतंत्र रूप से विकसित हुई है.

कांग्रेस ने भाजपा पर उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग की दुर्दशा को ‘नजरअंदाज’ करने का आरोप लगाया

कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने गन्ने की कीमत बढ़ाने की उत्तर प्रदेश के किसानों की मांग को लगातार नजरअंदाज किया और राज्य में एक समय फलने-फूलने वाले चीनी उद्योग की दुर्दशा को ”अनदेखा” किया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इटावा और धौरहरा में रैलियों से पहले उनसे सवाल पूछे.

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सीतापुर अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर सालों से बंद क्यों है? क्या टमाटर, प्याज, आलू को प्राथमिकता देने का वादा एक और जुमला था? उत्तर प्रदेश में गन्ने का दाम बेहद कम क्यों है?” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सीतापुर जिला अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर सात साल से बेकार पड़ा है. उन्होंने कहा कि इसका निर्माण पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में हुआ था, लेकिन भाजपा ने सत्ता में आने के बाद से इसकी उपेक्षा की है.

रमेश ने कहा, ”परिणामस्वरूप, मरीजों को इलाज के लिए अक्सर लखनऊ जाना पड़ता है. भाजपा सरकार ने लोगों के जीवन को खतरे में क्यों डाला है? ट्रॉमा सेंटर पिछले सात वर्षों से धूल क्यों फांक रहा है?” उन्होंने कहा कि राज्य में आलू की खेती करने वाले किसानों को पिछले कुछ वर्षों में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण संघर्ष करना पड़ा है. उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा आलू उत्पादक करार देते हुए रमेश ने कहा कि पिछले साल इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और औरैया जैसे क्षेत्रों में आलू उत्पादकों को उच्च उपज के कारण राज्य सरकार की न्यूनतम कीमत से कम दरों पर अपनी उपज बेचने को मजबूर होना पड़ा था.