भुवनेश्वर. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए, बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को निर्वाचन आयोग से इस पूर्वी राज्य में एक साथ हो रहे लोकसभा और विधानसभा चुनाव के संपन्न होने तक उनकी (हरिचंदन की) ओडिशा यात्रा को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया.

नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप लगाया कि ओडिशा के रहने वाले हरिचंदन ने भाजपा के टिकट पर चिल्का विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अपने बेटे पृथ्वीराज का समर्थन करने के लिए व्यक्तिगत रूप से और फोन पर मतदाताओं को प्रभावित करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया. बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार को एक शिकायत याचिका ई-मेल के जरिये भेजी है और इस संबंध में ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक प्रति सौंपी है.

पात्रा ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल 30 अप्रैल से चार मई तक भुवनेश्वर प्रवास के दौरान अपने बेटे पृथ्वीराज के लिए अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार में लगे रहे. बीजद नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने चिल्का विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को फोन किया और उनसे इस चुनाव में उनके बेटे पृथ्वीराज का समर्थन करने का अनुरोध किया.

पार्टी ने सीईसी को भेजी गयी अपनी अर्जी में कहा है, “उन्होंने (राज्यपाल ने) अपने बेटे पृथ्वीराज के लिए चुनावी समर्थन जुटाने के उद्देश्य से समय-समय पर चिल्का क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों और जनमत तैयार करने वालों को अपने आवास पर आमंत्रित किया और उनके साथ परामर्श किया.” बीजद ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का कृत्य आदर्श आचार संहिता का “घोर उल्लंघन” है और उनके जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को “शोभा नहीं देता”. राज्य में सत्तारूढ़ दल ने सीईसी से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा कथित तौर पर किए गए आचार संहिता के उल्लंघनों की जांच करने का अनुरोध किया.

बीजद ने अपनी याचिका में कहा, “उन्हें उचित रूप से सावधान किया जाए और कहा जाए कि वह चुनाव पूरा होने तक ओडिशा आने से परहेज करें, खासकर इसलिए क्योंकि उनका बेटा चिल्का से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा है.” आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्यपाल के पुत्र पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, “बीजद यह आरोप इसलिए लगा रहा है, क्योंकि पार्टी को एहसास हो गया है कि वह जमीन खो रही है और इस चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ेगा.”

पृथ्वीराज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, “मेरे पिता क्योंकि एक राज्य के राज्यपाल हैं, इसलिए विभिन्न दलों के राजनीतिक नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों सहित कई लोग आमतौर पर उनसे मिलते हैं. क्या इसे चुनाव के लिए रोक दिया जाएगा?” पृथ्वीराज ने दावा किया कि वह (राज्यपाल) अपनी हालिया ओडिशा यात्रा के दौरान किसी भी राजनीतिक बैठक या कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं.