मालदा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तीसरा कार्यकाल देश की संवैधानिक अखंडता और लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए विनाशकारी साबित होगा.

मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में पश्चिम बंगाल के सुजापुर में एक रैली में खरगे ने मोदी पर नफरत और ध्रुवीकरण से प्रेरित विभाजनकारी राजनीति को बढ.ावा देने का आरोप लगाया. वरिष्ठ एवं अनुभवी राज्यसभा सांसद ने कहा, ”अगर मोदी दोबारा सत्ता में आए तो संविधान को बचाया नहीं जा सकेगा और लोकतंत्र नष्ट हो जाएगा. भारत एक तानाशाह के शासन में होगा.” खरगे ने जोर देकर कहा कि मोदी के शासन में आहार संबंधी प्राथमिकताओं सहित व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विकल्पों में कटौती की जा रही है, जो एक तानाशाही शासन की तस्वीर पेश करता है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा को एक ही सिक्के के दो पहलू करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”मोदी लोगों पर खानपान की आदतें थोप रहे हैं. मोदी के भारत में, हर किसी को उनकी (मोदी की) इच्छा के अनुसार खान-पान और पूजा अनुष्ठान करना होगा.” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की. भाजपा ने कटाक्ष किया था कि उन्हें (गांधी को) भारत के बजाय पाकिस्तान का नेतृत्व करना चाहिए.

खरगे ने कहा, ”राहुल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री क्यों बनेंगे? वह भारत के बेटे हैं, उनके परिवार ने भारत के लिए सब कुछ बलिदान कर दिया है.” उन्होंने भाजपा पर चुनावी बॉण्ड के माध्यम से भ्रष्टाचार करने और विपक्षी दलों के खिलाफ डराने-धमकाने की रणनीति का आरोप लगाते हुए मोदी और अमित शाह को अपने विरोधियों की छवि धूमिल करने और भाजपा की छवि चमकाने की एक भव्य योजना के संचालक के रूप में चित्रित किया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”भाजपा को भ्रष्टाचार पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है. उनकी नीति ‘चंदा दो, धंधा लो’ की थी.” उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों और गिरफ्तारी से राष्ट्रीय स्तर के विपक्षी दलों को डराने-धमकाने और दागी नेताओं को भगवा खेमे में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने का भाजपा पर आरोप लगाया.

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ”मोदी और अमित शाह ने मिलकर भाजपा को एक बड़ी लॉण्ड्री, एक वॉशिंग मशीन में बदल दिया है, जहां सारे दाग धूल जाते हैं.” खरगे ने मालदा में मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों को अपना समर्थन देने का आग्रह किया, अपनी पार्टी को भाजपा के प्रभुत्व के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण ढाल के रूप में पेश किया और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों और समावेशी शासन पर आधारित सरकार की वकालत की. उन्होंने कहा, ”हम भाजपा की चुनौती को विफल करने और केंद्र में एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक सरकार बनाने की क्षमता रखने वाली एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी हैं.”