नयी दिल्ली/अलीराजपुर. कांग्रेस ने परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि यह प्रवृत्ति पिछले 10 वर्षों से जारी है और इसीलिए इस चुनाव में बेरोजगारी और नौकरियों में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर 23 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के सपनों के साथ धोखा है.” राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-स्नातक’ में प्रश्नपत्र लीक होने का दावा करने वाली खबरें ”पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद” हैं.

गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, ”12वीं पास करके कॉलेज में दाखिले का सपना संजोए छात्र हों या सरकारी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे होनहार युवा, हर किसी के लिए मोदी सरकार अभिशाप बन चुकी है.” उन्होंने कहा, ”दस वर्ष से भाजपा सरकार के निकम्मेपन की कीमत अपने भविष्य की बर्बादी से चुका रहा युवा और उसका परिवार अब समझ चुका है कि जुबान चलाने और सरकार चलाने में फर्क होता है.” गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने सख्त कानून बनाकर युवाओं को पेपर लीक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को स्वस्थ और पारदर्शी माहौल पार्टी की गारंटी है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ”एक बार फिर से नीट का पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं. देश के 24 लाख युवाओं के भविष्य के साथ फिर से खिलवाड़ हुआ. पिछले दस बरसों से करोड़ों होनहार युवाओं के साथ चल रहा यह सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा है. क्या देश के प्रधानमंत्री इस पर कुछ कहेंगे?” उन्होंने कहा, ”युवाओं को बहलाने के लिए संसद में पेपर लीक के खिलाफ कानून पास हुआ था. वह कानून कहां है? लागू क्यों नहीं होता? इसीलिए बेरोजगारी और नौकरियों में भ्रष्टाचार इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है. हमारे न्याय पत्र का संकल्प है कि पेपर लीक बंद होगा. र्भितयां कैलेंडर के हिसाब से निकलेंगी. खाली पद भरे जाएंगे. युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ बंद होगा और हम ये करके दिखाएंगे.”

कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक पोस्ट में कहा, ”आज बिहार में नीट के पेपर लीक होने की ख.बरें सामने आई हैं. इसके अलावे राजस्थान से परीक्षा केंद्रों पर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों के गलत सेट बांटे जाने की भी शिकायतें आई हैं.” उन्होंने कहा, ”पिछले सात वर्षों में, 70 से अधिक पेपर लीक हुए हैं. ऐसा होने से दो करोड़ से अधिक अ्भ्यियथयों का भविष्य बर्बाद हुआ है. कई राज्यों में पेपर लीक को लेकर कानून होने के बावजूद पेपर लीक हो रहे हैं.” रमेश ने कुछ उदाहरण उल्लेखित करते हुए कहा कि बिहार में 15 मार्च को शिक्षक भर्ती परीक्षा में 3.75 लाख अ्भ्यियथयों ने हिस्सा लिया था लेकिन कुछ ही दिनों में पेपर लीक की वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी.

लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को 150 सीट भी नहीं मिलेंगी: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 150 सीट भी नहीं मिलेंगी. राहुल ने यह भी कहा कि इस बार के चुनाव का उद्देश्य देश के संविधान को बचाना है क्योंकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान बदलना चाहते हैं.

मध्य प्रदेश में रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले अलीराजपुर जिले के जोबट कस्बे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लोगों के हित में आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटा दी जाए.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने फिर से जातिगत जनगणना की वकालत की और दावा किया कि इससे लोगों की स्थिति के बारे में सब कुछ पता चल जाएगा और देश में राजनीति की दिशा बदल जाएगी.

गांधी ने कहा, ”यह चुनाव देश के संविधान को बचाने के लिए हो रहा है. भाजपा, आरएसएस इसे बदलना, खत्म करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस और ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) इसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने संविधान को बदलने के इरादे से ”400 पार” (400 से अधिक लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य) का नारा दिया है.

वायनाड से सांसद गांधी ने दावा किया, ”लेकिन 400 सीट तो छोड़िए, भाजपा को इस बार 150 से ज्यादा सीट भी नहीं मिलेंगी.” गांधी ने कहा, ”यह (संविधान) है कि आदिवासियों, दलितों और ओबीसी को लाभ मिल रहा है. संविधान के कारण आदिवासियों को जल, जमीन और जंगल पर अधिकार है.” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों के अधिकार छीनना चाहते हैं जबकि हम उन्हें इससे रोकना चाहते हैं.

गांधी ने दावा किया, ”उनके नेताओं ने कहा है कि वे आदिवासियों, दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिया गया आरक्षण छीन लेंगे.” उन्होंने कहा, ”मैं इस मंच से आपको बताना चाहता हूं कि आरक्षण छीनने की बात तो छोड़ दीजिए हम इसे 50 प्रतिशत से ऊपर बढ़ाने जा रहे हैं. अदालत ने आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत पर सीमित कर दी है. हम इस सीमा को हटा देंगे.” गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों, दलितों और ओबीसी को उनकी जरूरत के मुताबिक आरक्षण देने का काम करेगी.