पटना. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मुसलमानों को आरक्षण का लाभ दिए जाने की वकालत करते हुए मंगलवार को कहा कि यह सामाजिक पिछड़ेपन पर आधारित होना चाहिए न कि धर्म के आधार पर. इससे पहले दिन में पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रसाद द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आरक्षण लाभ को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य नेताओं ने उनकी आलोचना की.

कई मुस्लिम जातियां बिहार और कई अन्य राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल हैं. हालांकि, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय को ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण देने को लेकर पिछले साल विधानसभा चुनाव में हारी भाजपा आलोचना कर रही है.

मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और राजद जैसे उसके सहयोगी ओबीसी, दलितों और आदिवासियों को मिल रहे आरक्षण में कटौती कर इसका लाभ मुसलमानों को देना चाहते हैं. इस बारे में पूछे जाने पर राजद प्रमुख ने कहा, ” आरक्षण तो मिलना चाहिए ना मुसलमानों को.” राजद सुप्रीमो की टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को निशाना साधा. उन्होंने मध्य प्रदेश की एक रैली में कहा, ”एक व्यक्ति जो पशुओं का चारा खा गए और अदालत ने जिनको सजा दी है (चारा घोटाला मामला)… उनकी बेशर्मी देखो जो खराब स्वास्थ्य के कारण जमानत पर है. ये कांग्रेस वाले इतने गिर गए हैं कि उन्हें माथे पर बिठाकर घुमा रहे हैं.”

मोदी ने दावा किया, ” उन्होंने (लालू प्रसाद) कुछ घंटे पहले ही कहा है कि मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए और सिर्फ आरक्षण ही नहीं मिलना चाहिए, वह कहते हैं कि पूरा का पूरा आरक्षण मुसलमानों को मिलना चाहिए यानि इसका मतलब यह हुआ कि एससी, एसटी और ओबीसी को जितना आरक्षण मिला हुआ है वह छीनकर ये लोग पूरा का पूरा आरक्षण मुसलमानों को देना चाहते हैं.” उन्होंने कहा, ”आखिर ये लोग ऐसा क्यों करना चाह रहे हैं. इसी वोट बैंक के सहारे वह अपनी सांसे गिन रहे हैं, बाकी तो उनका सबकुछ खत्म हो चुका है, कुछ बचा नहीं है, बारी-बारी से सब साथ छोडकर भाग गए.”

प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रसाद ने अपने विशिष्ट अंदाज में कहा, ”मैं (राजनीति में) नरेन्द्र मोदी से वरिष्ठ हूं. वह बहुत सी चीजें नहीं जानते हैं जो मैं जानता हूं. मेरे शासनकाल के दौरान मंडल आयोग की सिफारिशें (बिहार में) लागू की गई थीं.” प्रसाद ने पीटीआई वीडियो को बताया, ”ऐसे सैकड़ों सामाजिक समूह हैं जिन्हें मंडल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आरक्षण मिला है. लेकिन यह धर्म के आधार पर नहीं किया गया. संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया, ”नरेन्द्र मोदी और उनका दल संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है और आरक्षण को भी खत्म करना चाहते हैं. यह इस तथ्य से साबित होता है कि दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार ने संविधान की समीक्षा के लिए एक आयोग का गठन किया था.” राजद अध्यक्ष ने भाजपा के बिहार में हार जाने और लोकसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हो जाने का दावा करते हुए कहा, ”वे 400 से अधिक सीट जीतने का दावा करते हैं. लेकिन वे खुद ही पार हो जाएंगे. तीसरे चरण का मतदान चल रहा है. बिहार में हमारा गठबंधन उन सभी पांच सीट पर जीत हासिल करने जा रहा है, जहां मतदान हो रहा है. वर्तमान और पिछले चरणों में मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि परिवर्तन की हवा चल रही है.”