रायबरेली. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि देश के लोग बदलाव चाहते हैं और वे ”झूठ” से तंग आ चुके हैं. इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले कुछ समय से अपने भाषणों में “अपनी कल्पना का भरपूर इस्तेमाल” कर रहे हैं और वह तथ्यों के आधार पर नहीं बोल रहे हैं.

प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के इस दावे के एक दिन बाद आई है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ठीक उसी तरह पलट देगी जिस प्रकार राजीव गांधी सरकार ने शाहबानो मामले में 1985 के ऐतिहासिक फैसले को पार्टी की तुष्टीकरण की राजनीति के तहत पलट दिया था. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली क्षेत्र में प्रचार अभियान के दौरान पीटीआई-भाषा के साथ एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की परेशानी के मुद्दों पर बोलने की चुनौती दी. प्रियंका गांधी के भाई राहुल गांधी रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं.

सात चरण के चुनाव में तीन दौर समाप्त होने के बाद जमीनी स्थिति के आकलन के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरा आकलन है कि लोग बदलाव चाहते हैं. मैं जहां भी जाती हूं, मुझे प्रतीत होता है कि लोग अब झूठ से तंग आ चुके हैं. वे मीडिया और राजनीतिक मंचों पर होने वाली चर्चा के स्तर से आजिज आ गए हैं.” प्रियंका गांधी ने कहा, ”लोग चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर चर्चा हो, वे समाधान चाहते हैं, वे जानना चाहते हैं कि सरकार ने बेरोजगारी दूर करने के लिए क्या किया है?, महंगाई पर काबू के लिए क्या किया है? जो इतनी ऊंची हैं. किसान एवं मजदूरों की मदद के लिए वह वास्तव में क्या कर रही है?” राजग के लिए ‘400 पार’ और भाजपा के लिए ‘370 पार’ के सत्तारूढ. दल के दावों पर कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सीटों की संख्या के संबंध में उनका अनुमान अब कम हो रहा है.

कांग्रेस नेता ने अपनी नुक्कड़ सभाओं के बीच पीटीआई-भाषा से बातचीत में अनुमान जताया कि आने वाले चरणों में, सीटों की संख्या के बारे में उनके दावे और कम हो जाएंगे. चुनावी सभाओं में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री को बेरोजगारी का मुद्दा उठाने की चुनौती देती हूं, जो 45 साल में सबसे गंभीर है. मैं प्रधानमंत्री को चुनौती देती हूं कि वह हमें बताएं कि भाजपा ने कौन-कौन सी संस्थाएं बनाई हैं, मैं प्रधानमंत्री को ऐसी एक भी योजना का नाम बताने की चुनौती देती हूं, जिसे वास्तव में उन्होंने स्वयं शुरू किया हो और वह ऐसी योजना नहीं हो जिसे कांग्रेस ने शुरू किया था और उन्होंने उसका नाम बदल दिया.”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री को चुनौती देती हूं कि वह हमें बताएं कि वह महंगाई पर काबू कैसे करने जा रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री को चुनौती देती हूं कि वह हमें बताएं कि वह किसानों की पीड़ाओं को कैसे कम करेंगे और उनकी मदद कैसे करेंगे.” कांग्रेस के इस दावे पर कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है, प्रियंका गांधी ने कहा कि कुछ लोग हैं जो भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं, खासकर मेरठ के उम्मीदवार और कुछ मंत्री, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि अगर लोग भाजपा को 400 से ज्यादा सीटें देते हैं तो वे संविधान बदल देंगे.

उन्होंने कहा, “इसलिए, कांग्रेस ने इसे जोरदार तरीके से उठाया है क्योंकि संविधान से ही वोट देने का अधिकार मिलता है, संविधान से ही आरक्षण का अधिकार मिलता है. संविधान के कारण ही देश में लोकतंत्र कायम है.” प्रधानमंत्री के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि सत्ता में आने पर कांग्रेस अल्पसंख्यकों को फायदा पहुंचाने के लिए अन्य वर्गों को मिल रहा आरक्षण छीन लेगी और राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलट देगी, प्रियंका गांधी ने उन पर निशाना साधा और कहा कि वह अपने भाषणों में “कल्पना का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं.”

कांग्रेस नेता ने कहा, “पिछले हफ्ते या 10 दिन से, मैं देख रही हूं कि वह (मोदी) अपने भाषणों में अपनी कल्पना का भरपूर उपयोग कर रहे हैं. वह तथ्यों के आधार पर नहीं बोल रहे हैं. उन्हें इस देश के लोगों के प्रति सम्मान नहीं है कि तथ्यों के आधार पर, सत्य के आधार पर बोलें.” उन्होंने कहा, “वह (मोदी) हर तरह की बातें कह रहे हैं, जैसे हम लोगों की भैंसें चुरा लेंगे, हमारे पास एक्स-रे मशीनें हैं और हम लोगों के घरों में जाएंगे और उनके गहने ले लेंगे. सच कहूं, अगर यह टिप्पणी प्रधानमंत्री जैसे गरिमापूर्ण व गंभीर पद से नहीं होती तो हम हंसते.” प्रियंका गांधी ने कहा, ”दुर्भाग्य से, हम हंस नहीं सकते क्योंकि प्रधानमंत्री पूरी गंभीरता से जनता को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये बातें सच हैं जबकि ये बिल्कुल सच नहीं हैं.” उन्होंने बुधवार को कई ‘नुक्कड़ सभाओं’ को संबोधित किया जिसमें उन्होंने लोगों को आगाह किया कि भाजपा का इरादा संविधान को बदलने का है और वह कुछ पूंजीपतियों के लाभ के लिए काम कर रही है.

उन्होंने जोर दिया कि यह कांग्रेस ही थी जिसने हमेशा लोगों और देश की संपत्ति की रक्षा की. उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर भाजपा देश की संपत्ति सांठगांठ वाले पूंजीपतियों को सौंप रही है. उन्होंने लोगों से अपने और अपने बच्चों के भविष्य के बारे में गहराई से सोच-विचार कर मत देने का आग्रह किया. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के “पांच न्याय, पच्चीस गारंटी” की भी चर्चा की और कर्नाटक एवं तेलंगाना का उदाहरण देकर जोर दिया कि कैसे कांग्रेस की गरीब समर्थक गारंटी से आम लोगों को फायदा हो रहा है.

राहुल गांधी के बारे में भाजपा की पूरी मशीनरी ने झूठ फैलाया : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की पूरी मशीनरी ही राहुल गांधी के खिलाफ झूठ फैलाने में लगी हुई है. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी धर्म, जाति और मंदिर-मस्जिद के बारे में बात करती है लेकिन लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों के बारे में बात नहीं करती. गांधी परिवार का गढ. समझी जाने वाली रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अपने भाई राहुल गांधी के लिए प्रचार कर रहीं प्रियंका ने कहा कि रायबरेली के लोग नेताओं को अच्छी तरह समझते हैं.

रायबरेली के थुलवासा में एक नुक्कड़ सभा में उन्होंने कहा, “जब उन्हें इंदिराजी (इंदिरा गांधी) की कोई नीति पसंद नहीं आई तो उन्होंने उन्हें भी हरा दिया. इंदिरा गुस्सा नहीं हुईं बल्कि आत्ममंथन किया. आपने उन्हें दोबारा चुना. यह रायबरेली के लोगों की खासियत है कि वे नेताओं को समझते हैं.” प्रियंका ने कहा, ”आपको मालूम होगा कि राहुल गांधी ने कितना संघर्ष किया है. वह हमारे देश में एक ऐसे इंसान हैं जिनके बारे में भाजपा की पूरी मशीनरी ने हर तरीके से गलत बातें और झूठ फैलाया. कैसे-कैसे आक्रमण किये. उनको संसद से निकाल दिया गया, उनको घर से निकाल दिया गया लेकिन राहुल पीछे नहीं हटे. यह उनका चरित्र है कि जब वह अन्याय होते हुए देखते हैं तो वह न्याय की लड़ाई लड़ते हैं और उससे कदम पीछे नहीं खींचते.”

उन्होंने कहा, ”इसीलिए राहुल कन्याकुमारी से कश्मीर तक चार हजार किलोमीटर पैदल चले और फिर उसके बाद मणिपुर से लेकर मुंबई तक उन्होंने यात्रा की. यह आपकी समस्याओं को समझने वाली यात्राएं थीं. यह देश को बताने वाली यात्राएं थीं कि देश में राजनीति की जो दिशा है वह गलत हो रही है तथा हमें उसे ठीक करना है.” उन्होंने कहा कि राहुल की यात्राएं हमारे उन राजनीतिक उसूलों के बारे में जनता को याद दिलाने वाली यात्राएं थी, जो महात्मा गांधी जी ने हमें दिये और जिनके आधार पर हमारा देश आजाद हुआ. ”उन यात्राओं के बाद यह बात गहराई से समझ में आई कि आप सबकी समस्याएं क्या हैं.” प्रियंका ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि भाजपा की सरकार के समय में केन्द्र में 30 लाख पद खाली पड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बेरोजगारी दूर करने की योजनाएं नहीं लाती बल्कि लोगों की उम्मीदों को तोड़ने वाली योजनाएं लाती है.