नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने बुधवार को ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. पित्रोदा की उस टिप्पणी को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया जिसमें उन्होंने कहा है कि ”पूर्व के लोग चीनी और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी नागरिकों जैसे दिखते हैं”. सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पित्रोदा की ”नस्ली” टिप्पणियों को लेकर उन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इससे विपक्षी दल की ”विभाजनकारी” राजनीति बेनकाब हो गई है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने पित्रोदा के निर्णय को स्वीकार कर लिया है.

रमेश ने कहा, ”श्री सैम पित्रोदा ने अपनी मर्जी से ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका निर्णय स्वीकार कर लिया है.” पित्रोदा ने एक पॉडकास्ट में कहा, ”हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं. जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं.” कांग्रेस ने हालांकि पित्रोदा की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया. पार्टी ने कहा कि वह इन टिप्पणियों से खुद को ”पूरी तरह से अलग” करती है.

पित्रोदा की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ”सैम पित्रोदा द्वारा भारत की विविधताओं को जो उपमाएं दी गई हैं, वह अत्यंत गलत और अस्वीकार्य हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से अपने आप को पूर्ण रूप से अलग करती है.” इससे पहले पित्रोदा ने विरासत कर के बारे में बात करके विवाद खड़ा कर दिया था, जिसे भाजपा ने चुनावी मुद्दा बना लिया. पित्रोदा ने कांग्रेस के घोषणापत्र में ‘संपदा के पुन: वितरण’ के मुद्दे पर बात करते हुए ‘अमेरिका में विरासत कर’ का उल्लेख किया था. इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था.