मुंबई/नयी दिल्ली. एअर इंडिया एक्सप्रेस ने लगातार तीसरे दिन चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण बृहस्पतिवार को अपनी दैनिक क्षमता की कुल 23 प्रतिशत या 85 उड़ानें रद्द कर दीं. टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी ने चालक दल के कम से कम उन 25 सदस्यों को बर्खास्त करने संबंधी पत्र जारी किए हैं, जिन्होंने एयरलाइन में कथित कुप्रबंधन के विरोध में मंगलवार रात से बीमार होने की सूचना देनी प्रारंभ की. एयरलाइन ने 170 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिनमें खाड़ी देशों की उड़ाने भी शामिल हैं.

व्यवधान कम करने के लिए एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 मई तक उड़ानों में कटौती करने का भी निर्णय लिया है और वह एयरलाइन के 20 मार्गों पर सेवाएं संचालित करेगी. एयरलाइन के एक सूत्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को चालक दल के लगभग 250 सदस्यों के बीमार होने की सूचना मिली. एयरलाइन ने प्रत्यक्ष तौर पर बर्खास्तगी पत्र के बारे में कुछ नहीं बताया, लेकिन यह कहा कि वह कुछ व्यक्तियों के खिलाफ उचित कदम उठा रही है, क्योंकि उनके कार्यों से हजारों यात्रियों को घोर असुविधा हुई है.

एयर इंडिया एक्सप्रेस में एआईएक्स कनेक्ट (पूर्ववर्ती एयरएशिया इंडिया) के विलय की प्रक्रिया चल रही है. पिछले कुछ समय से, खासतौर पर विलय की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से इसके चालक दल के कुछ सदस्यों में असंतोष व्याप्त है. चालक दल के एक वर्ग ने कुप्रबंधन और कर्मचारियों के साथ व्यवहार में समानता की कमी का आरोप लगाया है. एअर इंडिया एक्सप्रेस चालक दल के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संघ द्वारा पिछले साल श्रम विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के बाद औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत एक सुलह प्रक्रिया चल रही है.

हड़ताली चालक दल द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों में कमरा साझा करना, उचित सहयोग की कमी, संशोधित वेतन संरचना और एअर इंडिया एक्सप्रेस के अनुभवी चालक दल सदस्यों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार शामिल हैं. एअरलाइन ने बृहस्पतिवार को एक संशोधित बयान में कहा, ”हम आज 283 उड़ानें संचालित करेंगे. हमने सभी संसाधन जुटा लिये हैं और एअर इंडिया हमारे 20 मार्गों पर परिचालन करके हमारी मदद करेगी. हमारी 85 उड़ानें हालांकि रद्द रहेंगी.” एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कोलकाता से भी दो गंतव्यों के लिए उड़ान संचालन रद्द कर दिया.

कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइन ने अयोध्या-कोलकाता-अयोध्या और हैदराबाद-कोलकाता-हैदराबाद उड़ानें रद्द कर दीं. टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन प्रतिदिन लगभग 368 उड़ानें संचालित करती है, जिसे देखते हुए उड़ान रद्द होने का प्रतिशत 23 है. पहले के बयान में एयरलाइन ने कहा था कि उसने 74 उड़ानें रद्द कर दी हैं और 292 सेवाओं का संचालन करेगी.

एयरलाइन ने यात्रियों से कहा कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले यह जांच लें कि उनकी उड़ान प्रभावित तो नहीं हुई है. एअरलाइन ने यह भी कहा कि यदि उड़ान रद्द हुई है या तीन घंटे से अधिक देर से संचालित होनी है तो यात्री पूरे पैसे लौटाने या बाद की किसी तारीख के लिए बुकिंग करा सकते हैं.

इससे पहले दिन में सूत्रों ने कहा था कि एअर इंडिया एक्सप्रेस ने चालक दल के कम से कम 25 उन सदस्यों को बर्खास्त करने संबंधी पत्र जारी किए हैं, जिन्होंने बीमार होने की सूचना दी थी. एयरलाइन ने चालक दल के अन्य सदस्यों को बृहस्पतिवार शाम चार बजे तक काम पर लौटने का आदेश दिया है. इस पृष्ठभूमि में एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि वह कुछ व्यक्तियों के खिलाफ उचित कदम उठा रही है.

उसने कहा, ”हम किसी भी मुद्दे के हल की प्रतिबद्धता के साथ चालक दल के सदस्यों के साथ बातचीत जारी रखेंगे, लेकिन हम कुछ व्यक्तियों के खिलाफ उचित कदम उठा रहे हैं, क्योंकि उनके कार्यों से हमारे हजारों यात्रियों को घोर असुविधा हुई है.” हड़ताल पर गए चालक दल के सदस्य ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कई मुद्दे हैं, जिनमें पर्याप्त छुट्टियां न मिलना और लंबे समय से एअर इंडिया एक्सप्रेस के साथ काम करने वाले लोगों के साथ अलग व्यवहार शामिल है.

सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि एयरलाइन ने मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हुए बिना ही कुछ लोगों को बर्खास्त किए जाने संबंधी पत्र भेज दिए. इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में एयरलाइन प्रबंधन और ‘एक्सप्रेस इंप्लॉइज यूनियन’ (एआईएक्सईयू) के बीच सुलह प्रक्रिया के तहत श्रम विभाग द्वारा एक बैठक बुलाई गई .

चालक दल के हड़ताली सदस्यों को शाम चार बजे तक वापस ड्यूटी पर लौटने की चेतावनी के संबंध में, एयरलाइन के एक सूत्र ने कहा कि मुख्य श्रम आयुक्त (सीएलसी) के तत्वावधान में बैठक के नतीजे के आधार पर भविष्य की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा.
नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ानों को रद्द करने पर एअर इंडिया एक्सप्रेस से बुधवार को एक रिपोर्ट मांगी थी और उनसे मुद्दों को जल्द ही हल करने को कहा था.