नयी दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक के सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई भी पीड़िता आगे नहीं आई और इसके पास पहुंची एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे जनता दल (सेक्युलर) नेता के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया था. आयोग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने से कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आते हैं.

इसने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) समिति का गठन किया गया है. आयोग के अनुसार एटीआर से पीड़ितों द्वारा यौन शोषण की शिकायतों के आधार पर दो मामलों के पंजीकरण का संकेत मिलता है. इसके साथ ही एक रिश्तेदार द्वारा अपहरण के लिए दायर एक अतिरिक्त शिकायत भी दर्ज की गई. इसने कहा कि इस मामले में हालांकि कोई भी पीड़िता आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आई है.

आयोग ने दावा किया, ”एक महिला शिकायतकर्ता तीन व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आयोग में आई थी. इस महिला ने खुद को कर्नाटक पुलिस अधिकारी के रूप में कथित तौर पर पेश किया और उन पर इस मामले में झूठी शिकायत देने के लिए दबाव डाला गया.” आयोग ने कहा, ”महिला ने बताया कि उसे कई फोन नंबरों से कॉल कर शिकायत करने की धमकी दी जा रही है. पीड़िता ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है.” एक अन्य घटनाक्रम में आयोग ने कहा कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने वाली 700 महिलाएं एक सामाजिक कार्यकर्ता समूह से जुड़ी हैं और मामले में मुख्य शिकायतकर्ता के साथ उनका कोई प्रत्यक्ष जुड़ाव या संबंध नहीं है.

आयोग ने एक पोस्ट में कहा, ”एनसीडब्ल्यू बताना चाहेगा कि प्रज्वल रेवन्ना मामले में 700 महिलाओं ने एनसीडब्ल्यू को कोई शिकायत नहीं दी है. कुछ मीडिया चैनल इस संबंध में गलत खबर चला रहे हैं.” पुलिस ने घर में काम करने वाली एक महिला की शिकायत के आधार पर प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता जद (एस) विधायक एवं पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया था. प्रज्वल (33) हासन लोकसभा सीट से भाजपा-जद(एस) गठबंधन के उम्मीदवार हैं. इस सीट पर 26 अप्रैल को मतदान हुआ था.

सांसद प्रज्वल रेवन्न से संबंधित यौन उत्पीड़न मामले की एसआईटी जांच ‘पटरी से उतर’ रही है: JDS

, नौ मई (भाषा) जनता दल-सेकुलर (जदएस) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उनके भतीजे और हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की विशेष जांच दल (एसआईटी) की तफ्तीश ‘पटरी से उतर’ रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को एक ज्ञापन सौंपेगी.

कुमारस्वामी ने कहा कि वह चाहते हैं कि दोषी को कानून के मुताबिक सज.ा मिले लेकिन उन्होंने एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की प्रगति पर सवाल उठाए. एसआईटी का गठन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने किया है. अपहरण के आरोपों का सामना कर रहे प्रज्वल के पिता एवं विधायक एचडी रेवन्ना के खिलाफ जांच को लेकर भी सवाल उठाते हुए कुमारस्वामी ने पूछा कि कथित रूप से अगवा की गई महिला को मुक्त कराए जाने के बाद अबतक अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया है.

जदएस नेता ने कहा, ” हम राज्यपाल को ज्ञापन दे रहे हैं कि जांच कैसे पटरी से उतर रही है… मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि जिसने भी गलत किया है उसे सजा मिलनी ही चाहिए. जिस तरह से चीजें हो रही हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है कि इनमें से कोई भी नहीं चाहता कि दोषी को सजा मिले, बल्कि प्रचार चाहता है… जांच शुरू होने के बाद से अब तक क्या उपलब्धि (प्रगति) हासिल हुई है?” कुमारस्वामी ने कहा, ” अपहृत महिला को यहां लाए कितने दिन हो गए? क्या उसका बयान सीआरपीसी की धारा 164 (मजिस्ट्रेट द्वारा बयान दर्ज करना) के तहत दर्ज किया गया है? क्या उसे न्यायाधीश के सामने पेश किया गया है? पांच दिन हो गए, महिला को न्यायाधीश के सामने पेश क्यों नहीं किया गया? वह कहां से लाई गई थी? क्या उसे किसी फार्महाउस से लाया गया था जैसा कि मीडिया में दावा किया गया और खबरें आईं?” उन्होंने यह भी सवाल किया कि एसआईटी ने अब तक यह जानकारी क्यों साझा नहीं की है. जदएस नेता ने कहा कि महिला को यहां लाए हुए पांच दिन हो गए हैं और उन्होंने इस पर कुछ भी नहीं कहा है कि अपहरण के लिए रेवन्ना जिम्मेदार थे या नहीं.