बीजापुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया. पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक क्षेत्र में बारूदी सुरंग विस्फोट में दो जवान भी घायल हुए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीड़िया गांव के जंगल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया.

उन्होंने बताया कि पुलिस को कमांडर वेल्ला, गंगालूर एरिया कमेटी का सचिव दिनेश मोड़ियम और लगभग 150 सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति की गुप्त सूचना मिली थी, जिसपर आठ मई को डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, डीआरजी सुकमा, ‘बस्तर फाइटर’, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कोबरा बटालियन के दल को नक्सल रोधी अभियान पर रवाना किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान आज (शुक्रवार) सुबह छह बजे जब सुरक्षाबल के जवान पीड़िया गांव के जंगल में थे तब सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ हुई. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से 12 माओवादियों का शव, बीजीएल लांचर, 12 बोर बंदूक, देसी रायफल, बीजीएल सेल, भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी वर्दी, दवाईयां और अन्य सामान बरामद किया गया. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने अभियान के दौरान पीड़िया के जंगल में माओवादियों द्वारा स्थापित अस्थाई कैम्प को ध्वस्त कर दिया है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में खोज अभियान जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से सुरक्षाबल के दो जवान भी घायल हुए हैं. घायल जवानों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे बड़ी सफलता करार दिया और सुरक्षाबलों को बधाई दी.

साय ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”गंगालूर इलाके में सुरक्षार्किमयों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ खत्म हो गई है. हमारे सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है. अब तक 12 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं.” उन्होंने कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों व वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी और कहा, ”जबसे हम लोग (भाजपा) सरकार में आए हैं, नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं. हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो. डबल इंजन की सरकार है तो इसका भी लाभ हम लोगों को मिल रहा है.” राज्य के कांकेर जिले में 16 अप्रैल को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे.

नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर एक जंगल में 30 अप्रैल को सुरक्षार्किमयों के साथ मुठभेड़ में तीन महिलाओं सहित 10 नक्सली मारे गए थे. पुलिस के अनुसार, इस घटना के साथ, राज्य के बस्तर क्षेत्र, जिसमें नारायणपुर और कांकेर सहित सात जिले शामिल हैं, में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में इस साल अब तक 103 नक्सली मारे गए हैं.