नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिलहाल जेल में बंद हैं। लगातार बेल के लिए अदालत से गुहार लगा रहे हैं लेकिन बात नहीं बन पाई है। इसके साथ ही चुनाव सिर पर है ऐसे आप के लिए ये वक्त किसी चुनौती से कम नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर आदेश सुनाने के लिए तैयार है। जिस पर आज फैसला अदालत सुनाएगी।

अब आप की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नए आरोपपत्र में आम आदमी पार्टी (आप) को आरोपी के रूप में नामित करेगा। यह पहली बार है कि भ्रष्टाचार के किसी मामले में किसी एजेंसी द्वारा दायर आरोपपत्र में किसी राष्ट्रीय पार्टी को आरोपी के रूप में नामित किया जाएगा।

ईडी का दावा

ईडी ने दावा किया है कि उसने केजरीवाल से जुड़ा एक मनी ट्रेल स्थापित किया है। इससे पहले, ईडी ने दिल्ली की एक अदालत के समक्ष दावा किया था कि आप द्वारा प्राप्त रिश्वत में से 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पार्टी ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों में अपने अभियान के दौरान किया था।

एजेंसी शुक्रवार को केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद आरोप पत्र दाखिल कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि अगर सुनवाई पूरे दिन चलती रही तो कल आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा.

गिरफ्तारी के दो महीने के भीतर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करना अनिवार्य है। केजरीवाल 21 मई को न्यायिक हिरासत में दो महीने पूरे कर लेंगे। उन्हें शराब नीति मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।