इस्तांबुल. सुजीत कलकल और जयदीप अहलावत को रविवार को विश्व क्वालीफायर में अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती देने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा जिससे पेरिस ओलंपिक खेलों में सिर्फ एक पुरुष पहलवान अमन देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
सुजीत ने 65 किग्रा के कांस्य पदक के महत्वपूर्ण मुकाबले में सुजीत ने अमेरिका के जेन एलेन रदरफोर्ड को चुनौती दी लेकिन काउंटर अटैक पर टेकडाउन के कारण योग्यता अधार पर 2-2 से हार गए.

सुजीत ने जवाबी हमला करते हुए पहला अंक जुटाया. वह टेकडाउन पर अंक गंवाने ही वाले थे लेकिन जवाबी हमला करते हुए अमेरिकी पहलवान को आश्चर्यचकित कर दिया. एक और टेकडाउन की तलाश में सजीत रदरफोर्ड के पीछे गए लेकिन अमेरिकी पहलवान ने टेकडाउन से अंक जुटाया. रदरफोर्ड ने विजेता बनने के लिए स्कोरलाइन बनाए रखी. सुजीत की हार का मतलब यह भी है कि डोप परीक्षण के लिए नमूना देने से इनकार करने के कारण निलंबित किए गए बजरंग पूनिया की पेरिस खेलों में हिस्सा लेने की रही सही उम्मीद भी टूट गई.

जयदीप ने तुर्कमेनिस्तान के अर्सलान अमानमिरादोव के खिलाफ 74 किग्रा रेपेचेज मुकाबले में जीत हासिल की लेकिन वह स्थानीय दावेदार सोनेर डेमिरतास के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सके और कांस्य पदक का मुकाबला 1-2 से हार गए. पेरिस में भारत के दल में छह पहलवान होंगे जिसमें पांच महिलाएं शामिल हैं. भारत के लिए महिला वर्ग में विनेश फोगाट (50 किग्रा), अंतिम पंघाल (53 किग्रा), अंशू मलिक (57 किग्रा), निशा दहिया (68 किग्रा) और रीतिका हुड्डा (76 किग्रा) ने पेरिस खेलों का कोटा हासिल किया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) भारतीय टीम चुनने के लिए ट्रायल आयोजित करता है या कोटा विजेताओं को 26 जुलाई से शुरू होने वाले खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देगा.