नयी दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ निर्वाचन आयोग (ईसी) में शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में उन पर आरोप लगाया गया है कि वह संदेशखालि की घटनाओं के लिए जिम्मेदार ‘प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक’ हैं. इस मामले में पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ. दल के नेताओं के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं.

निर्वाचन आयोग को लिखे एक पत्र में टीएमसी ने कहा कि वह शर्मा और भाजपा के एक नेता के खिलाफ ”संदेशखालि की निर्दोष महिलाओं और सामान्य रूप से सभी मतदाताओं के साथ जालसाजी, ठगी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी देने और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर अपराध के लिए शिकायत दर्ज करा रही है.” टीएमसी ने कहा, ”यह घटनाओं के एक अत्यंत दुखद मोड़ पर आपका तत्काल ध्यान आर्किषत करने के लिए है, जिसमें राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्यों के साथ मिलकर भाजपा नेताओं ने मतदाताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रची और इसलिए आपके तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है.”

टीएमसी ने यह भी कहा कि संदेशखालि की एक महिला का साक्षात्कार 10 मई को ‘एक्स’ मंच पर साझा किया गया था जिससे पता चलता है कि रेखा शर्मा ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अन्य सदस्यों और पियाली दास समेत अन्य भाजपा नेताओं के साथ राजनीतिक लाभ के लिए संदेशखालि की निर्दोष महिलाओं का शोषण करके जालसाजी, धोखाधड़ी, ठगी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश के गंभीर अपराध किए हैं. दास संदेशखालि से भाजपा की सदस्य हैं.

टीएमसी ने पार्टी द्वारा कथित वीडियो साझा करने के बाद शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें एक महिला को यह कहते हुए सुना गया था, ”हमें कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराके धोखा दिया गया . हमें बाद में पता चला कि हमारे नाम पर बलात्कार की शिकायत दर्ज की गई थी. यह एक सफेद झूठ है.” इस वीडियो से कुछ दिन पहले एक अन्य वीडियो वायरल हुआ था जिसमें संदेशखालि में पार्टी के एक स्थानीय पदाधिकारी को यह दावा करते हुए दिखाया गया कि इस प्रकरण के पीछे पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का हाथ था. हालांकि, पीटीआई स्वतंत्र रूप से किसी भी वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका.

टीएमसी ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि वीडियो से एक गहरी साजिश का खुलासा हुआ है जिसमें शर्मा और भाजपा नेता संदेशखालि की निर्दोष, अशिक्षित महिलाओं को झूठी बलात्कार की शिकायतें दर्ज कराने के लिए कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर रहे थे. पार्टी ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह उपरोक्त अपराधों में उनकी भूमिका के लिए शर्मा, दास और अन्य अज्ञात भाजपा नेताओं के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दे.

पश्चिम बंगाल के मंत्री और टीएमसी प्रवक्ता शशि पांजा ने 10 मई को आरोप लगाया था कि रेखा शर्मा ने संदेशखालि से जुड़े आरोपों पर ‘राजनीतिक पूर्वाग्रह’ के तहत काम किया और क्षेत्र की महिलाओं को यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाने के लिए प्रोत्साहित किया.
गौरतलब है कि महिलाओं पर कथित अत्याचार और संदेशखालि में हिंसा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सिफारिश की थी कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.

संदेशखलि से सामने आए एक अन्य कथित वीडियो में एक स्थानीय भाजपा नेता को यह कहते हुए सुना गया कि 70 से अधिक महिलाओं को स्थानीय टीएमसी क्षत्रप शाहजहां शेख और उनके सहयोगियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दो-दो हजार रुपये मिले थे. शेख पर यौन उत्पीड़न और भूमि हड़पने का आरोप है. शनिवार रात सामने आए 45 मिनट से अधिक समय के नवीनतम वीडियो में संदेशखालि के भाजपा मंडल अध्यक्ष गंगाधर कयाल जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति ने प्रश्नकर्ता को यह बताया.

यह कयाल ही थे जिन्होंने पहले के एक अन्य कथित वीडियो में कहा था कि बलात्कार के आरोप ‘मनगढ.ंत’ थे. ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से नवीनतम वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकी है. भाजपा ने वीडियो के ‘फर्जी’ होने का दावा करते हुए टीएमसी के आरोपों को खारिज कर दिया था और इस मुद्दे पर अदालत जाने की धमकी दी थी.