नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के सोमवार को घोषित परिणामों में उत्तीर्ण प्रतिशत के मामले में एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया. वहीं, पिछले साल के मुकाबले 90 और 95 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में आंशिक रूप से वृद्धि हुई है.

सीबीएसई ने सोमवार को 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित किए. पिछले साल की तुलना में 10वीं कक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के प्रतिशत में 0.48 प्रतिशत का सुधार हुआ है और यह 93.60 प्रतिशत रहा. इसी प्रकार 12वीं कक्षा में 87.98 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए जो पिछले साल की तुलना में 0.65 प्रतिशत अधिक है.

अधिकारियों ने कहा कि दसवीं कक्षा के नतीजों में 94.75 प्रतिशत छात्राएं उत्तीर्ण हुईं और लड़कों की तुलना में 2.04 प्रतिशत अधिक छात्राएं उत्तीर्ण हुईं. वहीं, 12वीं में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों के मुकाबले 6.40 प्रतिशत अधिक है. सीबीएसई अधिकारियों ने इस वर्ष परीक्षा में योग्यता-आधारित प्रश्नों की संख्या में वृद्धि को उत्तीर्ण प्रतिशत में वृद्धि का श्रेय दिया. इस साल 90 प्रतिशत और 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी इसी तरह की प्रवृत्ति देखी गई.

बोर्ड के मुताबिक,12वीं कक्षा में 1.16 लाख विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं जबकि 24,068 विद्यार्थी 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने में सफल हुए हैं. पिछले साल 1.12 लाख विद्यार्थियों का पूर्णांक 90 प्रतिशत से अधिक था जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों की संख्या 22,622 थी. सीबीएसई ने बताया कि 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 262 विद्यार्थी विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीएसडब्ल्यूएन) हैं. सीएसडब्ल्यूएन श्रेणी के 43 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं.

अधिकारियों ने बताया कि 10वीं कक्षा में 47 हजार से अधिक छात्रों ने इस परीक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, वहीं 2.12 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल 10वीं कक्षा में 1.95 लाख विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों की संख्या 44,297 थी.
सीबीएसई ने घोषणा की है कि ”अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचने” के लिए मेधा सूची जारी नहीं की जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि अंकों के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी में वर्गीकरण को भी समाप्त कर दिया गया है.
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ”विद्यार्थियों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए बोर्ड में लिए गए फैसले के तहत सीबीएसई मेधा सूची नहीं जारी कर रहा है. हालांकि, बोर्ड 0.1 प्रतिशत विद्यार्थियों को मेधा प्रमाणपत्र जारी करेगा जिन्होंने विभिन्न विषयों में सर्वाधिक अंक अर्जित किए हैं.” सीबीएसई ने यह भी घोषणा की कि 2024-25 शैक्षणिक सत्र में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होगी. इस साल 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी को शुरू हुई थी और क्रमश: 28 और 47 दिनों में संपन्न हुई थी.

अधिकारियों ने बताया कि इस साल 10वीं कक्षा में 1.32 लाख विद्यार्थियों को और 12वीं कक्षा में 1.22 लाख विद्यार्थियों को पूरक परीक्षा की श्रेणी में रखा गया है. त्रिवेन्द्रम क्षेत्र में 10वीं और 12वीं कक्षा दोनों में क्रमश? 99.91 और 99.75 के साथ सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत रहा. प्रयागराज क्षेत्र में 12वीं कक्षा में सबसे कम उत्तीर्ण प्रतिशत 78.25 दर्ज किया गया, जबकि गुवाहाटी क्षेत्र में 10वीं कक्षा में सबसे कम 77.94 प्रतिशत दर्ज किया गया.

बोर्ड के मुताबिक 12वीं कक्षा में केंद्रीय तिब्बती स्कूल प्रशासन के तहत आने वाले विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अधिक 99.23 रहा. इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालयों के 98.90 प्रतिशत विद्यार्थी और केंद्रीय विद्यालयों के 98.81 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. सरकारी सहायता प्राप्त और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत क्रमश: 91.42 और 88.23 रहा. निजी स्कूलों के कुल 87.70 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा में अपनी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन न कर सकने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक संदेश में कहा कि वे प्रयास जारी रखें क्योंकि उनके लिए ”गौरव का क्षण दूर नहीं है”.

प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ”सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले अपने युवा मित्रों को मैं हार्दिक बधाई देता हूं. आप सफलता और अपने परिश्रम के फल का आनंद लें, इस समय का उपयोग उच्च अध्ययन के लिए एक प्रभावी योजना बनाने में भी करें. सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं.”

उन्होंने कहा, ”मेरे वे सभी मित्र हिम्मत न हारें जो अपनी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं. आप सभी में किसी भी चुनौती से पार पाने की क्षमता है. मुझे यकीन है कि आपके गौरव का क्षण दूर नहीं है. प्रयास करते रहें.” सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा 15 जुलाई को शुरू होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 की सिफारिश के तहत सीबीएसई ने ‘कम्पार्टमेंट’ परीक्षा का नाम बदलकर ‘सप्लीमेंट्री’ (पूरक) परीक्षा कर दिया है.

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक 12वीं कक्षा के विद्यार्थी को एक विषय में पूरक परीक्षा के जरिये अपने अंक में सुधार करने का मौका दिया जाएगा जबकि 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को दो विषयों में यह मौका मिलेगा. भारद्वाज ने बताया, ”तीन श्रेणियों के विद्यार्थी पूरक परीक्षा देने की अर्हता रखते हैं. पहली श्रेणी में 10वीं कक्षा के वे छात्र हैं जो दो विषयों में उत्तीर्ण होने में असफल हुए हैं जबकि 12वीं के वे छात्र जो एक विषय में उत्तीर्ण नहीं हो सके हैं और उन्हें कम्पार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है. दूसरी श्रेणी में वे विद्यार्थी हैं जिन्हें छठे और सातवें विषय के आधार पर उत्तीर्ण घोषित किया गया है. तीसरी श्रेणी में 10वीं और 12वीं कक्षा के वे विद्यार्थी हैं जिन्हें उत्तीर्ण तो घोषित किया गया है लेकिन वे क्रमश: दो और एक विषय में अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहते हैं.”