गिरिडीह. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर ‘शर्मनाक’ राजनीति करने और ‘राम लला को फिर से तंबू में भेजने’ की साजिश रचने का आरोप लगाया. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति का ‘सबसे बड़ा मॉडल’ बनने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत को इन बुराइयों से मुक्त करने का संकल्प लिया है.

झारखंड के गिरिडीह में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”राम मंदिर को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा शर्मनाक बयान जारी किए जा रहे हैं. उनके नेता रामलला को एक बार फिर टेंट में भेजने की साजिश रच रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बात कर रहे हैं.” बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद रामलला की पुरानी मूर्ति को तंबूनुमा ढांचे में रखा गया था.

उन्होंने दावा किया कि वे परिसर को फिर से बंद करना चाहते हैं. इसके मद्देनजर उन्होंने लोगों से ऐसी भ्रष्ट ताकतों को हटाने का अनुरोध किया. मोदी ने कहा, ”कांग्रेस ने देश को नक्सलवाद के लिए मजबूर किया जबकि भाजपा ने देश में नक्सली हिंसा को नियंत्रित किया.” उन्होंने यह भी वादा किया कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान, वह देश से नक्सलवाद और आतंकवाद का सफाया कर देंगे.

मोदी ने आरोप लगाया कि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन घुसपैठियों को संरक्षण दे रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता वंचित लोगों को प्राथमिकता देना होगा. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करना राष्ट्र के हित में सबसे बड़े कदमों में से एक है और उन्हें खुशी है कि वहां के लोग दशकों बाद सोमवार को लोकतंत्र का त्योहार मना सके. अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के खत्म होने के बाद घाटी में पहले लोकसभा चुनाव के तहत सोमवार को श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान हुआ.