कोझिकोड: उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में एक नवविवाहित महिला ने अपने पति पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया, लेकिन उसके ससुराल पक्ष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

दूल्हे की मां ने दावा किया कि उनकी बहू इस घर में रहने से इनकार कर रही थी और इसी बात पर दंपत्ति के बीच झगड़ा हुआ था। महिला ने एक टीवी चैनल को बताया, ”हमने कभी दहेज की मांग नहीं की क्योंकि हमें इसकी जरूरत नहीं है।”

इस बीच दुल्हन के पिता ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि पंथीरंकावु पुलिस इस मामले में उचित जांच करेगी। पंथीरंकावु में ही दूल्हे का परिवार रहता है। उन्होंने दावा किया, ”वे (पुलिस) इस मामले को गंभीरता से नहीं लेंगे।”

उन्होंने कहा कि एर्नाकुलम जिले की पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोपी दूल्हे को कड़ी सजा देने की भी मांग की। दुल्हन के पिता ने बताया, ”मैंने केरल के मुख्यमंत्री, महिला आयोग और अलुवा के पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजी और अपनी बेटी के लिए न्याय मांगा है।” पुलिस ने इस मामले में आश्वासन दिया कि वह आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ेगी। दुल्हन के पिता ने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो अच्छा होगा।

केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने दुल्हन और उसके परिवार के आरोप सामने आने और कई टीवी चैनल पर इनके प्रसारित होने के बाद मंगलवार को स्वत: मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए। महिला आयोग ने कोझिकोड शहर के पुलिस आयुक्त को इस मामले की गहन जांच करने और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

विवाहित महिला ने आरोप लगाया कि पांच मई को उनकी शादी हुई थी और एक हफ्ते बाद ही पति ने दहेज के लिए उसे बेरहमी से पीटा और जान से मारने का भी प्रयास किया। कथित हमले की खबर फैलते ही राज्य की स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि पीड़िता को कानूनी सहायता सहित सभी मदद दी जाएगी।

उन्होंने नवविवाहित महिला पर हमले को क्रूर और अंतरात्मा को झकझोर कर देने वाला कृत्य करार दिया।
मंत्री ने कहा कि लोगों को ऐसे अपराध करने से रोकने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सिफारिश की कि समाज को दहेज और घरेलू ंिहसा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने मामले में पुलिस की निष्क्रियता की आलोचना की और पूछा कि क्या वह पीड़ित के साथ है या अपराधियों के साथ है?