मुंबई. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को प्रियंका गांधी वाद्रा को ‘गैर संजीदा’ राजनेता करार देते हुए कहा कि वह पर्यटक की तरह चुनावों के वक्त दिखाई देती हैं और बाद में गायब हो जाती हैं तथा असल भारत को नहीं समझतीं. गोयल ने यह भी कहा कि वह स्वतंत्रता आंदोलन में नेहरू-गांधी परिवार की भूमिका का सम्मान करते हैं. उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद ‘एक व्यक्ति की निजी महत्वाकांक्षा भारत के लोगों की इच्छा पर हावी हो गई’.

भविष्य में प्रियंका गांधी के एक कद्दावर नेता के रूप में उभरने के सवाल पर मुंबई में अपने प्रचार अभियान के दौरान गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मुझे नहीं लगता. वे गैर-संजीदा राजनेता हैं. ऐसा प्रतीत नहीं होता कि वह असल भारत से जुड़ पाई हैं. वे काल्पनिक दुनिया में रहती हैं. वह चुनावों के दौरान नजर आती हैं और उसके बाद गायब हो जाती हैं.” उन्होंने कहा, ”वह वास्तव में लोगों की सेवा नहीं कर सकतीं.” नेहरू-गांधी परिवार की शहादत पर प्रियंका गांधी के बयान क्या जनता के बीच प्रभावी हो पाएंगे ? इस सवाल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने कई स्वतंत्रता सेनानियों के कार्यों को एक परिवार से जोड़ कर रख दिया.

गोयल ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के संदर्भ में कहा, ”देखिये, हम भारत के आजादी के संघर्ष में उनके परिवार की भूमिका का सम्मान करते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उस वक्त कांग्रेस में हर कोई चाहता था कि सरदार पटेल को पार्टी की अगुवाई के लिए चुना जाए. लेकिन एक व्यक्ति की निजी महत्वकांक्षा भारत के लोगों की इच्छा पर हावी हो गयी.” प्रियंका इस महीने की शुरुआत में मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रचार अभियान के दौरान भावुक हो गयीं थीं और उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनके पिता राजीव गांधी को अपनी मां से दौलत नहीं बल्कि विरासत में ‘शहादत’ मिली थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके परिवार के बलिदान को कभी नहीं समझेंगे.

प्रियंका की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के उस आरोप के बाद आई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राजीव गांधी ने वर्ष 1985 में सत्ता में आने के बाद विरासत कर को खत्म कर दिया था क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनकी मां की संपत्ति कर में चली जाए. गोयल उत्तर मुंबई लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 75 से 77 वर्षों से कांग्रेस ने यह मान लिया है कि जो भी चीज पार्टी की है वह सिर्फ और सिर्फ एक परिवार की होगी.

गोयल ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के एक आपराधिक मानहानि मामले में दोषी पाये जाने और उन्हें सजा सुनाए जाने के बाद राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता ने गांधी परिवार के लिए एक अलग कानून बनाने की मांग रखी थी. उन्होंने कहा, ”देश में एक परिवार के लिए एक अलग कानून… और हद तो तब हो गयी जब उन्होंने (प्रमोद तिवारी) यह कहा कि दोषसिद्धि में भले ही जरूरत न हो लेकिन अगर सजा होती है तो उनके लिए एक अलग कानून होना चाहिए.”

भाजपा नेता ने कहा, ”इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने अपराध किये हों…, आपको सजा नहीं होगी क्योंकि आप गांधी-नेहरू परिवार से आते हैं.” उन्होंने कहा, ”राहुल और प्रियंका गांधी इस तरह की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं. मुझे लगता है कि भारत के लोग यह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस को खत्म करने की महात्मा गांधी की इच्छा को आज पूरा किया जाए.”