नयी दिल्ली. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष आतंकी की कश्मीर में स्थित सात अचल संपत्ति कुर्क कर ली है. केंद्रीय एजेंसी द्वारा बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. एजेंसी ने बताया कि आतंकवादी सरताज अहमद मंटू की पुलावाम जिले के किसारीगाम स्थित 19 मरला 84 वर्ग फुट जमीन सहित कई संपत्ति बुधवार को जम्मू की विशेष एनआईए अदालत के आदेश के आधार पर कुर्क की गई.

सरताज को 31 जनवरी 2020 को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था. एनआईए ने बताया कि सरताज के खिलाफ 27 जुलाई 2020 को आरोप पत्र दाखिल किया गया और वह सशस्त्र अधिनियम, भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक सामग्री अधिनियम, गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम और भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम-1933 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे का सामना कर रहा है. विज्ञप्ति के मुताबिक वह जैश-ए-मोहम्मद के अपने पांच सह-आरोपी सदस्यों के साथ आतंकवादियों को कश्मीर घाटी तक पहुंचाने में शामिल था.

एजेंसी ने कहा, ”जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को अपनी पूरी ताकत से नष्ट करने की कोशिश के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने प्रतिबंधित एवं पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित एक शीर्ष आतंकवादी की सात अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है.” जांच एजेंसी ने बताया कि मसूद अजहर ने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया था और तब से यह जम्मू-कश्मीर सहित भारत में कई आतंकवादी हमले में संलिप्त रहा है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव 1267 द्वारा जैश को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया था और संगठन के सरगना मसूद अजहर को 2019 में यूएनएससी द्वारा ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया गया. एनआईए ने एक हफ्ते पहले ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई के तहत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के एक शीर्ष आतंकवादी की छह अचल संपत्तियां कुर्क की थीं.

एनआईए ने 2019 से अब तक करीब 400 संपत्तियां कुर्क की, अधिकतर आतंकवादियों और नक्सलियों की

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने विभिन्न खातों और करोड़ों रुपये की नकदी सहित करीब 400 संपत्तियां 2019 से अब तक कुर्क की हैं. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में अधिकतर आतंकवादियों, नक्सलियों, अलगाववादियों और उनके समर्थकों की है.

अधिकारियों ने बताया कि जब्त और कुर्क की गई 403 संपत्तियों में से सबसे अधिक 206 संपत्तियों को संघीय जांच एजेंसी की रांची शाखा ने कुर्क किया है. उन्होंने बताया कि संपत्तियों में मुख्य रूप से बिहार और झारखंड में पंजीकृत कई बैंक खाते और नक्सलियों और उनके सहयोगियों से संबंधित बड़ी मात्रा में नकदी शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों की कुल 100 अन्य संपत्तियां एनआईए की जम्मू शाखा ने कुर्क या जब्त की है.

उन्होंने बताया कि आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी की चंडीगढ़ शाखा ने अलगाववादियों और उनके समर्थकों की 33 संपत्तियों को कुर्क किया है. यह ”प्रतिबंधित खालिस्तानी सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू की जब्त की गई दो संपत्तियों के इतर हैं.” अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने 2019 से 16 मई, 2024 के बीच इन संपत्तियों को कुर्क या जब्त किया है और इससे आतंकवादी व नक्सली संगठनों के नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को खत्म करने में मदद मिली है.

उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की संपत्तियों को भी एनआईए ने कुर्क या जब्त किया है. अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की नयी दिल्ली शाखा ने 22, कोच्चि शाखा ने 27 (जब्त की गई आठ संपत्तियों सहित), मुंबई शाखा ने पांच, हैदराबाद शाखा ने चार, चेन्नई शाखा ने तीन और लखनऊ शाखा ने एक संपत्ति कुर्क की है.