नयी दिल्ली: पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित लेखिका और प्रसिद्ध कथाकार मालती जोशी का बुधवार को निधन हो गया। वह 90 वर्ष की थीं। एक पारिवारिक मित्र ने बताया कि मालती जोशी ने अपने बेटे और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी के दिल्ली स्थित आवास पर अंतिम सांस ली।

‘मालवा की मीरा’ के नाम से लोकप्रिय रहीं मालती जोशी को 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोंिवद ने पद्श्री सम्मान से नवाजा था। मालती जोशी की कहानियां ‘मध्यांतर’, ‘पटाक्षेप’, ‘पराजय’, ‘एक घर सपनों का’ और ‘वो तेरा घर, ये मेरा घर’ तथा उनका उपन्यास ‘औरत एक रात है’ काफी लोकप्रिय हुए। उन्होंने ंिहदी और मराठी भाषा में साठ से अधिक किताबें लिखीं। उनका अंतिम संस्कार आज लोधी रोड श्मशान घाट में किया जाएगा।