बेंगलुरु: जनता दल (एस) के संरक्षक एच डी देवेगौड़ा ने अपने पोते और सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए शनिवार को कहा कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

हालांकि, शनिवार को जीवन के 92 वर्ष पूरे करने वाले देवेगौड़ा ने कहा कि उनके बेटे और जद (एस) विधायक एचडी रेवन्ना के खिलाफ मामले ‘गढ़े गए’ हैं, लेकिन उन्होंने आगे टिप्पणी करने से परहेज किया क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।

एचडी रेवन्ना एक महिला के यौन उत्पीड़न और अपहरण के आरोपों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में गौड़ा ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने के फैसले की घोषणा की थी और शुभंिचतकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया था कि वे जहां भी हैं, वहीं से उन्हें शुभकामनाएं दें।

देवेगौड़ा ने कहा, ‘‘… मैं रेवन्ना के संबंध में अदालत में चल रही चीजों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। प्रज्वल रेवन्ना विदेश गए हैं, इस संबंध में कुमारस्वामी (गौड़ा के दूसरे बेटे और जद (एस) की राज्य इकाई के प्रमुख) ने हमारे परिवार की ओर से कहा है कि देश के कानून के मुताबिक कार्रवाई करना सरकार का कर्तव्य है।’’

यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस (यौन शोषण के मामले) से कई लोग जुड़े हुए हैं, मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता। कुमारस्वामी ने कहा है कि जो लोग भी इस मामले में शामिल हैं, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रभावित महिलाओं को न्याय और मुआवजा मिलना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रज्वल के खिलाफ कार्रवाई पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन लोगों को रेवन्ना के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में (तथ्यों का) पता चल गया है कि मामला कैसे गढ़ा गया है।’’

कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद प्रज्वल (33) महिलाओं के यौन उत्पीड़न के कई मामलों का सामना कर रहे हैं। वह इस लोकसभा चुनाव में भी हासन सीट से भाजपा-जनता दल (एस) के संयुक्त उम्मीदवार हैं जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ था।

प्रज्वल कथित तौर पर 27 अप्रैल को जर्मनी रवाना हुए और अब भी फरार हैं। उनको वापस लाने के प्रयास के तहत प्रज्वल के खिलाफ ‘‘इंटरपोल ब्लू कॉर्नर’’ नोटिस जारी किया गया है।