वाशिंगटन. उद्यमी और पायलट गोपी थोटाकुरा रविवार को अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के ब्लू ओरिजिन के एनएस -25 मिशन पर एक पर्यटक के रूप में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बन गए. थोटाकुरा को एनएस-25 मिशन के लिए चालक दल के छह सदस्यों में से एक के रूप में चुना गया था, जिससे वह 1984 में भारतीय सेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष पर्यटक और दूसरे भारतीय बन गए. कंपनी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ब्लू ओरिजिन की सातवीं मानवयुक्त उड़ान, एनएस-25, रविवार सुबह पश्चिम टेक्सास में ‘लॉन्च साइट वन’ से रवाना हुई.

यह मिशन न्यू शेपर्ड कार्यक्रम के लिए सातवीं और इसके इतिहास में 25वीं मानव उड़ान थी. अभी तक इस कार्यक्रम के तहत 31 मनुष्यों को कार्मन रेखा से ऊपर ले जाया गया है जो पृथ्वी के वायुमंडल और अंतरिक्ष के बीच प्रस्तावित पारंपरिक रेखा है. ‘न्यू शेपर्ड’ ब्लू ओरिजिन द्वारा अंतरिक्ष पर्यटन के लिए विकसित पूरी तरह से पुन: इस्तेमाल होने वाला उप-कक्षीय प्रक्षेपण यान है.

ब्लू ओरिजिन के अनुसार, ”गोपी एक पायलट और विमान चालक हैं जिन्होंने वाहन चलाने से पहले उड़ान भरना सीख लिया था.” वह हार्ट्सफील्ड-जैक्सन अटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप स्थित समग्र कल्याण और व्यावहारिक स्वास्थ्य मामलों से संबंधित वैश्विक केंद्र ‘प्रिजर्व लाइफ कोर्प’ के सह-संस्थापक हैं.

वह वाणिज्यिक रूप से विमान उड़ाने के अलावा एयरोबेटिक विमान और सीप्लेन के साथ ही गर्म हवा के गुब्बारे भी उड़ा चुके हैं. वह अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा विमान पायलट के तौर पर भी काम कर चुके हैं. रोमांचक यात्राओं के शौकीन थोटाकुरा ने हाल में तंजानिया के माउंट किलिमंजारो ज्वालामुखी की भी चढ़ाई की थी. आंध्र प्रदेश में जन्मे थोटाकुरा ने एम्ब्री-रिडल एयरोनॉटिकल यूनिर्विसटी से स्नातक किया है.

उनके साथ अंतरिक्ष में गए चालक दल के अन्य सदस्यों में मैसन एंजेल, स्लिवेन चिरोन, केनेथ एल. हेस, कैरोल शालेर और वायुसेना के पूर्व कैप्टन एड ड्वाइट शामिल हैं. ड्वाइट को 1961 में राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी द्वारा देश के पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवार के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्हें कभी अंतरिक्ष में उड़ान भरने का अवसर नहीं मिला.