ग्वालियर. मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) से भटक कर एक मादा चीता रविवार को ग्वालियर पहुंच गई. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि केएनपी प्रबंधन ने सतर्कता बढ़ा दी है और स्थानीय वन विभाग ने ग्वालियर और मुरैना जिले के जंगल से सटे गांवों में किसानों को सतर्क कर दिया है. उन्होंने बताया कि मादा चीता वीरा ने ग्वालियर जिले के एक गांव में एक बकरी का शिकार भी किया है.

प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अंकित पांडे ने कहा, ह्लवीरा केएनपी से बाहर निकल गई और ग्वालियर एवं मुरैना जिलों के जंगलों तक पहुंच गई. वन अधिकारी और केएनपी टीम चीता की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं.” अधिकारी ने कहा कि जंगल से सटे गांवों के किसानों को सतर्क कर दिया गया है और उन्हें अपने मवेशियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय उद्यान में चीता की वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं.

इससे पहले चार मई को, इस राष्ट्रीय उद्यान से नर चीता पवन भटककर पड़ोसी राज्य राजस्थान के करोली जिले में पहुंच गया था. हालांकि बाद में प्रबंधन द्वारा उसे बचा लिया गया था. चीता को बसाने की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी के बाड़ों में छोड़ा गया था, जिनमें पांच मादा और तीन नर चीता शामिल थे. फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाये गए. केएनपी में अब 27 चीते हैं, जिनमें भारतीय धरती पर जन्मे 14 शावक भी शामिल हैं.