बलिया. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के नेताओं को ‘रावण’ और ‘कंस’ की संस्कृति का अनुयायी करार देते हुए आरोप लगाया कि 25 परिवारों ने यह परंपरा बना ली है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री उनके परिवार से ही होंगे.

यादव ने यहां भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. उन्होंने कथित तौर पर सनातन धर्म का अपमान करने और आस्था के साथ खिलवाड़ करने के लिए ‘इंडिया’ की आलोचना की और लोगों से लोकतंत्र का दुरुपयोग करने वालों को हराने की अपील की.

नाम लिए बिना समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला करते हुए यादव ने कहा, ”इस परिवार (यादव परिवार) को अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी पर भरोसा नहीं है. वे सभी के विकास की बात करते हैं लेकिन केवल अपना विकास करने में लगे रहते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों द्वारा सनातन धर्म पर हमला किया जा रहा है.

यादव ने कहा, ”शिशुपाल भगवान कृष्ण को गाली देता था और विपक्षी दल आज प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और लोकतंत्र को गाली दे रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”वे (विपक्ष) रावण और कंस की संस्कृति के हैं.” यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश से अंग्रेजों और कांग्रेस की सभी पुरानी निशानियों को मिटा दिया है. यादव ने कहा, ”चाहे वह 1862 की भारतीय दंड संहिता, 1932 की लॉर्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली हो, अंग्रेजों और कांग्रेस की निशानियों को देश से मिटाया जा रहा है. नयी शिक्षा नीति लाई गई है.” उन्होंने कहा कि केवल मोदी ही ‘जवान और किसान’ का सम्मान कर सकते हैं. बलिया में सातवें चरण के तहत एक जून को मतदान होना है.