मेदिनीपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाया कि वह अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए हिंदुओं की आस्था का अपमान कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के लिए “खतरा” हैं, क्योंकि उनकी वजह से राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है.

दिन के दौरान पश्चिम बंगाल में अपनी तीसरी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “टीएमसी के वोट बैंक बन चुके ‘घुसपैठिये’ राज्य के लिए खतरा हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में हिंदुओं की संख्या कम हो गई है.” उन्होंने मेदिनीपुर रैली में कहा, ”बंगाल में टीएमसी आतंकवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और भाई-भतीजावाद का पर्याय है. अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए टीएमसी हिंदुओं की आस्था का अपमान कर रही है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में दिए गए अपमानजनक बयान से पूरा देश गुस्से में है.” मोदी रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया टिप्पणियों का जिक्र कर रहे थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जारी घुसपैठ से तेजी से राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है.

उन्होंने कहा, ”टीएमसी के तुष्टीकरण ने बंगाल की जनसांख्यिकी बदल दी है. घुसपैठ ने राज्य की जनसांख्यिकी परिर्वितत कर दी है. टीएमसी दूसरे राज्यों के लोगों को ‘बाहरी’ कहती है, लेकिन यह घुसपैठियों को गले लगाती है.” मोदी ने कहा, ”घुसपैठिये बंगाल के लिए खतरनाक हैं क्योंकि वे राज्य की जनसांख्यिकी को बदल रहे हैं. कई हिस्सों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं.” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “घुसपैठिये दलितों और वंचितों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. हमारी बेटियां और बहनें अब सुरक्षित नहीं हैं.” मोदी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में घुसपैठिये बहुसंख्यक हैं, “टीएमसी उन्हें सुरक्षित सीट मानती है.”

उन्होंने कहा, “अपने वोट बैंक के आगे झुकने वाली टीएमसी सरकार आपके वोट की हकदार नहीं है. इस चुनाव में टीएमसी को सबक सिखाएं.” बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने को लेकर टीएमसी की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा, ”वोट बैंक की राजनीति के कारण वे इसका विरोध कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, “टीएमसी घुसपैठियों का स्वागत करती है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पड़ोसी देशों से प्रताड़ित होकर आए हिंदुओं को नागरिकता देने का विरोध करती हैं. मैंने इन शरणार्थी परिवारों को नागरिकता देने का वादा किया था. वे हमारे भाई-बहन हैं. हालांकि, टीएमसी सीएए का विरोध कर रही है और कहती है कि वह इसे बंगाल में लागू नहीं होने देगी.” राज्य के मतुआ समुदाय तक पहुंचने के क्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “जब तक मोदी जीवित है, आप (टीएमसी) सीएए के खिलाफ कुछ नहीं कर पाएंगे. सीएए नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है.” इस कानून से मतुआ समुदाय को सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद है.

मोदी ने कहा, ”टीएमसी झूठ फैला रही है और दावा कर रही है कि फॉर्म भरते ही वह नागरिकता रद्द कर देगी.” इससे पहले बिष्णुपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ”पश्चिम बंगाल के शरणार्थी परिवारों को भी जल्द ही सीएए के तहत नागरिकता मिल जाएगी.” उन्होंने कहा, ”मुझे खुशी है कि पहले जत्थे को सीएए के तहत नागरिकता मिल गई है.” तीन पड़ोसी देशों में सताए गए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करने के लिए कानून के तहत नियमों को अधिसूचित किए जाने के लगभग दो महीने बाद बुधवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत 14 लोगों के पहले जत्थे को नयी दिल्ली में भारतीय नागरिकता प्रदान की गई.